galtii-गलती

galti
हा तेरा चले जाने से दुखी तो हौंगा मई परंतु हारूँगा नहीं|
एक पंछी को उड़ने के लेए भी हर बार प्रयस करना पड़ता है | तो हम इंसान केसे बिन प्रयस के सफल हो सकते है
बच्चे थे तो ठीक थे की बिन फ़ालतू के बड़े हो गए|
अब हर बात को बया करू वो वक़्त भी तो नहीं रहा न मारे पास तू अगर कहती तो शायद रुक जाता मैं शायद रुक जाता मैं|
हर कुछ कहा भी तो नहीं जाता | कुछ बाते संझनी भी होती है |

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